शक्र उवाच विमोहयसि माम् ईश मर्त्यो ऽहम् इति किं वदन् जानीमस् त्वां भगवतो ऽनन्तसौख्यविदो वयम् //
ខគម្ពីរ (204.5) បង្ហាញនូវព្រះធម៌ដ៏ខ្ពង់ខ្ពស់ ដែលគួរឲ្យគោរព និងសិក្សាដោយចិត្តសុចរិត។