अवगाढा द्विषन्तो मे सुखो वातो5भिवाति माम् | यस्त्वं धनमथाजैषी: कुरुभिग्रस्तमाहवे,“बेटा! कौरवोंने जिस गोधनको संग्राममें हड़प लिया था, उसे तुम जीतकर ले आये, यह बहुत अच्छा हुआ। आज हमारे शत्रु परास्त हो गये, इसलिये आजकी वायु मुझे बड़ी सुखदायिनी प्रतीत हो रही है
「我が子よ、カウラヴァらが戦で奪い去った牛の群れを、そなたは勝ち取って連れ戻した。まことに見事である。今日、我らの敵は打ち倒されたゆえ、この日の風さえも、わたしにはことさらに心地よく感じられる。」
वैशम्पायन उवाच