आचार्य-क्षमा, देśa–kāla-नīti, तथा भेद-दोषः
Teacher-Reconciliation, Timing-Policy, and the Fault of Factionalism
विवर्णमुखभूयिष्ठा: सर्वे योधा विचेतस: । गा: सम्प्रस्थाप्य तिष्ठामो व्यूढानीका प्रहारिण:,समस्त सैनिकोंके मुखपर भारी उदासी छा गयी है। सब अचेत--हतोत्साह हो रहे हैं। अतः हम गौओंको हस्तिनापुरकी ओर भेजकर सेनाकी व्यूहरचना करके शत्रुपर प्रहार करनेके लिये उद्यत हो जायँ
武人たちの顔はみな血の気を失い、深い憂いが覆っていた。誰もが茫然として気力を失っている。ゆえに牛の群れをハスティナープラへ送り、軍を戦陣(ヴ्यूーハ)に整えて、敵を撃つ備えをなそう。
द्रोण उवाच