शमीवृक्षस्थायुधप्रकाशनम् / Revelation and Identification of the Weapons on the Śamī Tree
न चेद् विजित्य गास्तास्त्वं गृहान् वै प्रतियास्यसि । प्रहसिष्यन्ति वीरास्त्वां नरा नार्यक्ष॒ संगता:,यदि उन गौओंको बिना जीते ही तुम घर लौटोगे, तो वीर पुरुष तुम्हारी हँसी उड़ायेंगे और यत्र-तत्र स्त्रियाँ और पुरुष एकत्र हो तुम्हारा उपहास करेंगे
もしその牛らを討ち勝って奪い返さぬまま家へ帰るなら、勇士たちは汝を嘲り笑うであろう。さらに至るところで、集まった男女が汝を笑いものにする。
वैशम्पायन उवाच