Sudeva Identifies Damayantī in Cedi (सुदेवेन दमयन्ती-परिचयः)
स्पन्दतामपि नागानां मार्गा नष्टा वनोद्धवा: । मार्ग संरुध्य संसुप्तं पद्मिन्या: सार्थमुत्तमम्,ग्रामीण हाथियोंपर आक्रमण करनेकी चेष्टावाले उन वनवासी गजराजोंके वन्य मार्ग अवरुद्ध हो गये थे। सरोवरके तटपर व्यापारियोंका महान् समुदाय उनका मार्ग रोककर सो रहा था
象たちが身をよじっても、森の通い路は塞がれて失われていた。池のほとりで大きな商隊が眠りこけ、道をふさいでいたのである。
बृहदश्चव उवाच