Ajñātavāsa-saṅkalpaḥ — Yudhiṣṭhira’s Resolve and Dhaumya’s Exempla on Concealment
प्राहु: साप्तपदं मैत्रं बुधास्तत्त्वार्थदर्शिन: । मित्रतां च पुरस्कृत्य किज्चिद् वक्ष्यामि तच्छुणु,तत्त्वार्थदर्शी विद्वान ऐसा कहते हैं कि सात पग साथ चलनेमात्रसे मैत्री-सम्बन्ध स्थापित हो जाता है, उसी मित्रताको सामने रखकर मैं आपसे कुछ निवेदन करूँगी, उसे सुनिये
真理の義を見抜く賢者たちは言う。「ただ七歩を共に歩めば、友誼は結ばれる」と。その友誼を先に立て、私はあなたに少し申し述べたい。どうか聞いてください。
यम उवाच