Ajñātavāsa-saṅkalpaḥ — Yudhiṣṭhira’s Resolve and Dhaumya’s Exempla on Concealment
सावित्रयुवाच दैवतं त्वाभिजानामि वपुरेतद्धयमानुषम् | कामया ब्रूहि देवेश कस्त्वं कि चिकीर्षसि,सावित्रीने कहा--मैं समझती हूँ, आप कोई देवता हैं; क्योंकि आपका यह शरीर मनुष्यों-जैसा नहीं है। देवेश्वर! यदि आपकी इच्छा हो तो बताइये आप कौन हैं और क्या करना चाहते हैं
サーヴィトリーは言った。「あなたが神であることは分かります。この御身は人のものではありません。 देवेश(神々の主)よ、もしお望みならお告げください。あなたは誰で、何をなさろうとしているのですか。」
मार्कण्डेय उवाच