Kailāsa-darśana, Badarī-vāsa, and Sarasvatī–Dvaitavana Transition (कैलासदर्शन–बदरीवास–सरस्वतीद्वैतवनगमनम्)
ततो&हमानुपूर्व्येण दिव्यान्यस्त्राण्ययोजयम् परंतु वे दानव युद्धके लिये इस प्रकार मेरी ओर चढ़े आ रहे थे, मानो समुद्रकी लहरें उठ रही हों। तब मैंने यह सोचकर कि मानवोचित युद्धके द्वारा इनपर विजय नहीं पायी जा सकती, क्रमशः दिव्यास्त्रोंका प्रयोग आरम्भ किया
それから私は、順を追って天授の武器を結び用いた。だがダーナヴァどもは、まるで大海の波が湧き立つかのように、戦いのため我に向かって押し寄せて来た。人の常の戦法では彼らに勝てぬと悟り、私は次々に神威のアストラを放ち始めた。
अजुन उवाच