अर्जुनागमनम्
Arjuna’s Arrival and Reunion on the Sacred Mountain
लोहिताक्ष: पृथुव्यंसो मत्तवारणविक्रम: । सिंहदंष्टो बृहत्स्कन्ध: शालपोत इवोद्भतः,उनकी आँखें लाल थीं। दोनों कंधे हृष्ट-पुष्ट थे। उनका पराक्रम मतवाले गजराजके समान था। दाँत सिंहकी दाढ़ोंकी समानता करते थे। कंधे विशाल थे। वे शालवृक्षकी भाँति ऊँचे जान पड़ते थे
その眼は赤く、胸は広く、猛威は発情して荒れ狂う象王のごとく、歯は獅子の牙に似、肩は大きく張っていた。サーラ樹のように高くそびえて見えた。
वैशम्पायन उवाच