Kuberasaras-darśana (Bhīma beholds Kubera’s guarded lotus-lake) / कुबेरसरः-दर्शनम्
मया तु निहते तस्मिन् रावणे लोककण्टके । कीर्तिनिश्येद् राघवस्य तत एतदुपेक्षितम्,किंतु सम्पूर्ण लोकोंको काँटेके समान कष्ट देनेवाला रावण यदि मेरे ही हाथों मारा जाता, तो भगवान् श्रीरामचन्द्रजीकी कीर्ति नष्ट हो जाती। इसीलिये मैंने उसकी उपेक्षा कर दी
「だが、もしこの手でラーヴァナ――世を苦しめる棘なる者――を討ってしまえば、ラाघヴァ(聖ラーマ)の名声は失われてしまう。ゆえに私は彼を顧みなかったのだ。」
वैशम्पायन उवाच