समुद्रपानम् (Samudra-pānam) — Maitrāvaruṇi Drains the Ocean; Devas Seek a Means to Refill It
देवा ऊचु नहुषेणाभितप्तानां त्वं लोकानां गति: पुरा । भ्रंशितश्न सुरैश्चर्यात् स््वलॉकाल्लोककण्टक:,देवता बोले--भगवन्! पूर्वकालमें राजा नहुषके अन्यायसे संतप्त हुए लोकोंकी आपने ही रक्षा की थी। आपने ही उस लोककण्टक नरेशको देवेन्द्रपद तथा स्वर्गसे नीचे गिरा दिया था
神々は言った。「ああ、バガヴァンよ。いにしえ、王ナフシャの不義により諸世界が苦しみに灼かれたとき、あなたこそがその帰依処であった。あなたは世の棘たるその王を、インドラの位と天界より墜とされた。」
लोगश उवाच