Adhyāya 20 — Rājadharma Argument for Paternal Inheritance and Timely Conciliation
पुनश्च वर्धितं राज्यं स्वबलेन महात्मभि: । छद्दानापद्तं क्षुद्रेर्धार्तराष्ट: ससौबलै:,“फिर महात्मा पाण्डवोंने अपने बाहुबलसे नूतन राज्यकी प्रतिष्ठा करके उसे बढ़ा लिया; परंतु शकुनि-सहित क्षुद्र धृतराष्ट्र-पुत्रोंने जूएमें छल-कपटका आश्रय ले उसका हरण कर लिया
「そののち、偉大なるパーンダヴァらは自らの武力によって新たに王国を打ち立て、これを繁栄させた。だがシャクニを伴う卑劣なドリタラーシュトラの子らは、サウバラの一党とともに、賽の戯れにおける欺きに頼ってそれを奪い去った。」
वैशम्पायन उवाच