Gandhārī’s Lament for Bhūriśravas and Śakuni
Book 11, Chapter 24
वासुदेवस्य सांनिध्ये पार्थेनाक्लिष्टकर्मणा । युध्यत: समरे<न्येन प्रमत्तस्य निपातित:,“जब मेरे पति समरांगणमें दूसरेके साथ युद्धमें संलग्न हो अर्जुनकी ओरसे असावधान थे, उस समय भगवान् श्रीकृष्णके निकट अनायास ही महान् कर्म करनेवाले अर्जुनने इस हाथको काट गिराया था
「夫が戦場で他者と組み合って戦い、アルジュナに対して不覚を取ったその時、ヴァースデーヴァ(聖クリシュナ)の傍らで、アルジュナ—大業を苦もなく成す者—がこの手を斬り落として地に倒したのです。」
वैशम्पायन उवाच