राजवृत्त-रक्षा-प्रणिधि-षाड्गुण्योपदेशः
Royal Conduct, Protection, Intelligence, and Policy Measures
वार्तामूलो हायं लोकस्त्रय्या वै धार्यते सदा । तत् सर्व वर्तते सम्यग् यदा रक्षति भूमिप:,खेती आदि समुचित जीविकाकी व्यवस्था ही इस जगत्के जीवनका मूल है तथा वृष्टि आदिकी हेतुभूत त्रयी विद्यासे ही सदा जगत्का धारण-पोषण होता है। जब राजा प्रजाकी रक्षा करता है, तभी वह सब कुछ ठीक ढंगसे चलता रहता है
vārtāmūlo hy ayaṁ lokas trayyā vai dhāryate sadā | tat sarvaṁ vartate samyag yadā rakṣati bhūmipaḥ ||
ヴァスーマナーは言った。「この世界は vārtā――生計と生産の経済――を根としており、つねに『三重のヴェーダ知』(trayyā)によって支えられている。王が臣民を守護するときにのみ、万事は正しい秩序のうちに運ぶのだ。」
वसुमना उवाच