मोक्षोपाय-निर्णयः
Determination of the Means to Liberation
यो यस्तेषामपचरेत् तमाचक्षीत वै द्विज: । अयं मे न शृणोतीति तस्मिन् राजा प्रधारयेत्,इनमेंसे जो भी ब्राह्मणकी आज्ञाके विपरीत आचरण करे, उसके विषयमें ब्राह्मणको राजाके पास जाकर कहना चाहिये कि “अमुक मनुष्य मेरी बात नहीं सुनता है।” तब राजा उसी व्यक्तिको दण्ड दे
「彼らのうち、ブラーフマナの命に背いて振る舞う者があれば、ブラーフマナは王のもとへ赴き、『この者は私の言葉に従いません』と告げるべきである。すると王はその者を罰するがよい。」
इुमत्सेन उवाच