ऋषिसमागमः — युधिष्ठिरस्य शोकवर्णनम्
Sage Assembly and Yudhiṣṭhira’s Articulation of Grief
सहसोत्पतित: क्रोध: कर्ण दृष्टवा प्रशाम्यति । कर्ण और अर्जुनकी सहायता पाकर तो मैं देवराज इन्द्रको भी जीत सकता था। कौरवसभामें जब दुरात्मा धृतराष्ट्रपुत्रोंने मुझे बहुत क्लेश पहुँचाया, तब सहसा मेरे हृदयमें क्रोध प्रकट हो गया; परंतु कर्णको देखकर वह शान्त हो गया
怒りはたちまち湧き上がるが、カルナを見れば鎮まる。カルナとアルジュナの助けを得ていたなら、私は天帝インドラすら打ち負かせたであろう。クル族の सभा において、邪なる心の持国の子らが私に甚だしい苦しみを与えたとき、胸中に怒りが忽ち現れた。だがカルナを目にすると、それは静まった。
युधिछिर उवाच