भीमसेनस्य कौरवसुतवधः तथा श्रुतर्वावधः
Slaying of Kaurava princes and the fall of Śrutarvā
विश्रान्ताश्व वितृष्णाश्ष पुनर्युद्धाय जम्मिरे । अर्जुनके बाणोंसे आहत हो कितने ही मनुष्य रणभूमिमें ही पड़े-पड़े उच्छवास लेते दिखायी देते थे। उन्हें दूसरे लोग अपने रथपर बिठाकर घड़ी-दो-बड़ी आश्वासन दे स्वयं भी विश्राम करके प्यास बुझाकर पुनः युद्धके लिये जाते थे
馬を休ませ渇きを癒すと、彼らは再び戦いに赴く支度を整えた。アルジュナの矢に撃たれた者は幾人も戦場に倒れ、なお息の残るさまが見えた。人々は彼らを戦車に乗せ、ひと時ふた時言葉をかけて励まし、やがて自らも小休止して渇きを潤し、再び戦へと向かった。
संजय उवाच