Droṇa-parva Adhyāya 94: Sātyaki–Sudarśana Yuddha (सात्यकि–सुदर्शन युद्ध)
अथ तौ वध्यमानौ तु द्रोणेन रथसत्तमौ । आवर्जयेतां दुर्धर्ष युगान्ताग्निमिवोत्थितम्,तदनन्तर द्रोणाचार्यके द्वारा घायल किये जाते हुए वे दोनों रथिश्रेष्ठ श्रीकृष्ण और अर्जुन उस समय प्रलयकालकी अग्निके समान उठे हुए उन दुर्धर्ष आचार्यको छोड़कर अन्यत्र चल दिये
そののち、ドローナに傷つけられつつも、車戦の至高の二人—クリシュナとアルジュナ—は車を他方へと転じ、劫末の火のごとく立ち上がる抗し難きアーチャールヤをそこに残して去った。
संजय उवाच