Droṇasya raudra-prayogaḥ
Droṇa’s intensified assault and the Pāṇḍava response
अवेक्षेतां तदान्योन्यं समरे कर्णपाण्डवौ | राजन्! आपकी सेनाके प्रमुख भागमें कर्ण और शत्रुओंकी सेनाके अग्रभागमें अर्जुन खड़े थे। वे दोनों उस समय विजयके लिये रोषावेशमें भरकर एक-दूसरेका वध करनेकी इच्छासे रणक्षेत्रमें परस्पर दृष्टिपात करने लगे
avekṣetāṃ tadānyonyaṃ samare karṇapāṇḍavau |
サञ्जयは言った。「そのとき戦のただ中で、カルナとパーンダヴァ(アルジュナ)は互いに視線を据えた。王よ、カルナはクル軍の主力の先頭に立ち、アルジュナは敵軍の前衛に立っていた。勝利を求める憤怒に燃え、互いの死を望んで、戦場にて相手を見据え合ったのである。」
संजय उवाच