अभिमन्युवधः
Abhimanyu’s Fall and the Battlefield Aftermath
हृद्यसम्भ्रान्तवद् राज॑स्तदद्भुतमिवा भवत् । तब अर्जुनकुमारने अश्वत्थामाका ध्वज काटकर शल्यको तीन बाण मारे। राजन! शल्यने भी मनमें तनिक भी सम्भ्रम या घबराहटका अनुभव न करते हुए-से गीधके पंखसे युक्त नौ बाणोंद्वारा अभिमन्युको आहत कर दिया। वह एक अद्भुत-सी बात हुई
王よ!その光景はまことに奇異で、胸の内がかき乱されるかのようであった。ついでアルジュナの子はアシュヴァッターマンの旗標を断ち、シャリヤ王に三本の矢を浴びせた。王よ!シャリヤは心に少しの狼狽も恐れも見せず、禿鷲の翼のごとき羽根を備えた九本の矢でアビマンニュを射傷した。まさに驚くべき出来事であった。
संजय उवाच