प्रकीर्णकेशा विध्वस्ता न द्वावेकत्र धावत: । नेदमस्तीति मन्वाना हतोत्साहा हतौजस:,उन सबके बाल बिखरे हुए थे। वे गिरते-पड़ते भाग रहे थे। दो सैनिक एक साथ या एक ओर नहीं भागते थे। उन्हें विश्वास हो गया था कि अब यह सेना नहीं बचेगी; इसीलिये उनके उत्साह और बल नष्ट हो गये थे
髪は乱れ、身は打ちひしがれ、彼らは転びつつ走り、倒れては起き上がった。二人が連れ立って同じ方へ逃げることもない。「この軍はもはや残らぬ」と思い定めたため、気力も武威も失われていた。
संजय उवाच