ते चापि सर्वप्रवरा नरेन्द्रा महाबला वर्मिणश्रूर्मिणक्ष । हर्षान्विता युयुधुस्तस्य राजन् समनन््ततः: पाण्डवयोधवीरा:,राजन! तब पाण्डवपक्षके सर्वश्रेष्ठ महाबली वीर योद्धा नरेश भी कवच और ढालसे सुसज्जित हो हर्ष और उत्साहमें भरकर सब ओरसे उस राक्षसके साथ युद्ध करने लगे
サञ्जयは語った。「大王よ、その時、パーンダヴァ方の最上の勇士たる諸王は、強大な力を備え、鎧と盾を整え、歓喜と気勢に満ちて、四方八方からその羅刹に挑み戦い始めた。」
संजय उवाच