Nakula–Śakuni Duel and the Night Battle; Śikhaṇḍin–Kṛpa Engagement (नकुल-शकुनियुद्धं तथा रात्रियुद्धवर्णनम्)
उभौ छिद्रेषिणौ वीरावुभौ चित्र ववल्गतु:,दोनों ही वीर एक-दूसरेके छिद्र (प्रहार करनेके अवसर) पानेकी इच्छा रखते हुए विचित्र रीतिसे उछलते-कूदते थे। दोनों ही अपनी शिक्षा, फुर्ती तथा युद्ध-कौशल दिखाते हुए रणभूमिमें एक-दूसरेको खींच रहे थे। वे दोनों ही योद्धाओंमें श्रेष्ठ थे
両勇士は互いの隙を求めて打ち込む機会を狙い、奇妙なほど多彩に跳び、回り、身を翻した。鍛錬と敏捷、そして戦技の妙を示しつつ、戦場で相手を引き寄せ、押し立て、互いに主導を奪おうとした。二人はいずれも戦士の中の最上であった。
संजय उवाच