Śalya–Bhīma Gadāyuddham (मद्रराज-भीमसेन गदायुद्धम्)
मायाशतसूजौ दृप्तौ मायाभिरितरेतरम् | अन्तर्हितौ चेरतुस्ती भृूशं॑ विस्मपकारिणौ,वे घमंडमें भरे हुए निशाचर सैकड़ों मायाओंकी सृष्टि करते और मायाद्वारा ही एक- दूसरेको परास्त करना चाहते थे। वे लोगोंको अत्यन्त आश्वर्यमें डालते हुए अदृश्यभावसे विचर रहे थे
その二人の夜行の者は驕り高ぶり、幾百ものマーヤー(幻術)を生み出しては、その幻術によって互いを打ち倒そうとした。彼らは姿を隠して見えぬままに駆け巡り、人々を甚だしく驚嘆させた。
संजय उवाच