Adhyāya 113: Karṇa–Bhīma Śaravarṣa and the Battlefield Aftermath (कर्णभीमशरवर्षः)
लोकत्रयं योधयेयं सदेवासुरमानुषम् । त्वत्प्रयुक्तो नरेन्द्रेह किमुतैतत् सुदुर्बलम्,“नरेन्द्र! आपकी आज्ञा हो तो देवताओं, असुरों तथा मनुष्योंसहित तीनों लोकोंके साथ मैं युद्ध कर सकता हूँ। फिर यहाँ इस अत्यन्त दुर्बल कौरवी सेनाका सामना करना कौन बड़ी बात है?
サンジャヤは言った。「人王よ、もしそれが陛下のご命令なら、私は三界そのものと戦うことさえできましょう。天神・阿修羅・人間をも含めて。ましてここで、このあまりに脆きクル族の軍勢に立ち向かうことが、何ほどの大事でしょうか。」
संजय उवाच