Droṇa–Dhṛṣṭadyumna-yuddha (द्रोण-धृष्टद्युम्न-युद्धम्) — Tactical duel and allied interventions
तलत्राभिह्वताश्षैव ज्याशब्दा भरतर्षभ | पत्तीनां पादशब्दक्ष वाजिनां च महास्वन:,भरतश्रेष्ठ) तलत्राणके आघातसे टकरायी हुई प्रत्यंचाओंके शब्द, पैदल सिपाहियोंके पैरोंकी धमक, उच्चस्वरसे होनेवाली घोड़ोंकी हिनहिनाहट, हाथियोंके चाबुक और अंकुशके आघातका शब्द, हथियारोंकी झनझनाहट तथा एक-दूसरेपर धावा करनेवाले गजराजोंके घण्टानाद--ये सब शब्द मिलकर ऐसी भयंकर आवाज प्रकट करने लगे, जो रोंगटे खड़े कर देनेवाली थी। उसीमें रथोंके पहियोंकी घरघराहट होने लगी, जो मेघोंकी विकट गर्जनाके समान जान पड़ती थी
sañjaya uvāca | talatrābhihataś caiva jyāśabdā bharatarṣabha | pattīnām pādaśabdāś ca vājināṃ ca mahāsvanāḥ ||
サञ्जヤは言った。「バーラタ族の雄牛よ、手甲の打ち合う音と弓弦の鳴り、歩兵の重い足音、馬の高い嘶きが一つに合わさり、恐るべき咆哮となって立ちのぼった――それは、軍勢がすでに余すところなく戦へと雪崩れ込んだことを告げる、不吉な轟きであった。」
संजय उवाच