कुन्तिभोजं पुरा राजन ब्राह्मण: पर्युपस्थित: । तिग्मतेजा महाप्रांशु: श्मश्रुदण्डजटाधर:,राजन! प्राचीनकालकी बात है, राजा कुन्तिभोजके दरबारमें अत्यन्त ऊँचे कदके एक प्रचण्ड तेजस्वी ब्राह्मण उपस्थित हुए। उन्होंने दाढ़ी, मूँछ, दण्ड और जटा धारण कर रखी थी
वैशम्पायन उवाच