चित्रसेनगन्धर्वैः कौरवसंनिपातः
Citrasena and the Kaurava engagement
दुर्वृत्तानां संहरति व्रतस्थानां प्रयच्छति । अनुशास्ति च भूतानि कार्येषु बलसूदन:,वे दुष्टोंका संहार करते और उत्तम व्रतका पालन करनेवाले सत्पुरुषोंको जीवन दान देते हैं। बल नामक दैत्यका विनाश करनेवाले इन्द्र सभी प्राणियोंको आवश्यक कार्योंमें लगनेका आदेश देते हैं
स्कन्द उवाच