Pradyumna–Śālva Missile-Exchange at Saubha (Āraṇyaka Parva, Adhyāya 18)
तथा स्त्रियं च यो हन्ति बाल॑ वृद्ध तथैव च । विरथं विप्रकीर्ण च भग्नशस्त्रायुधं तथा,“इसी प्रकार स्त्री, बालक, वृद्ध, रथहीन, अपने पक्षसे बिछुड़े हुए तथा जिसके अस्त्र- शस्त्र नष्ट हो गये हों, ऐसे लोगोंपर जो हथियार उठाता हो, ऐसा मनुष्य भी वृष्णिकुलमें नहीं उत्पन्न हुआ है
वायुदेव उवाच