Arjuna meets the Lokapālas, is tested by Indra, and is led to Amarāvatī for astra-śikṣā
Indraloka-gamana
ज्योतींषि चाप्यशेषेण सर्वाण्यनघ सर्वतः । परियान्ति महाराज गिरिराजं प्रदक्षिणम्,“कुरुनन्दन! सूर्य और चन्द्रमा प्रतिदिन इस निश्चल मेरुगिरिकी प्रदक्षिणा करते रहते हैं। पापशून्य महाराज! सम्पूर्ण नक्षत्र भी गिरिराज मेरुकी सर्वतोभावेन परिक्रमा करते हैं
वैशम्पायन उवाच