Shloka 3

येषां तथा राम समारभन्‍न्ते कार्याणि नाथा: स्वमतेन लोके । ते नाथवन्तः पुरुषप्रवीरा नानाथवत्‌ कृच्छुमवाप्लुवन्ति,बलरामजी! जगतमें जिनके कार्य उनके सहायक अपने ही विचारसे प्रारम्भ करते हैं, वे पुरुषश्रेष्ठ सनाथ माने जाते हैं। वे अनाथकी भाँति कभी कष्टमें नहीं पड़ते

येषाम्of whom/whose
येषाम्:
Adhikarana
TypeNoun
Rootयद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Form—, षष्ठी, बहुवचन
तथाthus/in that manner
तथा:
TypeIndeclinable
Rootतथा
रामO Rama
राम:
TypeNoun
Rootराम
Formपुं, सम्बोधन, एकवचन
समारभन्तेthey begin/undertake
समारभन्ते:
TypeVerb
Rootसम् + आ + √रभ्
Formलट् (वर्तमान), प्रथम, बहुवचन, आत्मनेपद
कार्याणिtasks/works
कार्याणि:
Karma
TypeNoun
Rootकार्य (प्रातिपदिक)
Formनपुं, द्वितीया, बहुवचन
नाथाःprotectors/helpers/masters
नाथाः:
Karta
TypeNoun
Rootनाथ (प्रातिपदिक)
Formपुं, प्रथमा, बहुवचन
स्वमतेनby their own opinion/decision
स्वमतेन:
Karana
TypeNoun
Rootस्वमत (प्रातिपदिक)
Formनपुं, तृतीया, एकवचन
लोकेin the world
लोके:
Adhikarana
TypeNoun
Rootलोक (प्रातिपदिक)
Formपुं, सप्तमी, एकवचन
तेthose (men)
ते:
Karta
TypeNoun
Rootतद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formपुं, प्रथमा, बहुवचन
नाथवन्तःhaving protectors; supported
नाथवन्तः:
TypeAdjective
Rootनाथवत् (प्रातिपदिक)
Formपुं, प्रथमा, बहुवचन
पुरुषप्रवीराःbest of men/heroic men
पुरुषप्रवीराः:
TypeNoun
Rootपुरुषप्रवीर (प्रातिपदिक)
Formपुं, प्रथमा, बहुवचन
not
:
TypeIndeclinable
Root
अनाथवत्like one without a protector
अनाथवत्:
TypeIndeclinable
Rootअनाथवत् (प्रातिपदिक)
कृच्छ्रम्distress/hardship
कृच्छ्रम्:
Karma
TypeNoun
Rootकृच्छ्र (प्रातिपदिक)
Formनपुं, द्वितीया, एकवचन
अवाप्लुवन्तिthey fall into/undergo
अवाप्लुवन्ति:
TypeVerb
Rootअव + √प्लु (अवप्लु)
Formलट् (वर्तमान), प्रथम, बहुवचन, परस्मैपद

बलदेव उवाच