सुरभि–इन्द्रसंवादः
Surabhi–Indra Dialogue as a Governance Exemplar
वैशम्पायन उवाच विलक्षयंस्तु राजेन्द्रो दुर्योधनपिता तदा । मैत्रेयं प्राह किर्मीर: कथं भीमेन पातित:,वैशम्पायनजी कहते हैं-जनमेजय! तब दुर्योधनके पिता महाराज धूृतराष्ट्रने भीमसेनके बलका विशेष परिचय पानेके लिये मैत्रेयजीसे पूछा--“मुने! भीमने किर्मीरको कैसे मारा?”
वैशम्पायन उवाच