एतत् पवित्र परममेतद् धर्मनिदर्शनम् । एतत् सर्वगुणोपेतं श्रोतव्यं भूतिमिच्छता,यह महाभारत परम पवित्र है। यह धर्मके स्वरूपका साक्षात्कार करानेवाला है तथा यह समस्त उत्तम गुणोंसे सम्पन्न है। अपना कल्याण चाहनेवाले पुरुषको इसका श्रवण अवश्य करना चाहिये
वैशम्पायन उवाच