Śalya–Yudhiṣṭhira Duel and the Discharge of the Śakti (शल्यवधप्रसङ्गः)
स्वमंशमभिसंधाय विजयायेतराय च । “विश्वविख्यात वीरो! तुमलोग मेरा यह सत्य वचन सुन लो। राजाओ! मैं क्षत्रियधर्मके अनुसार अपने हिस्सेका कार्य पूर्ण करनेका संकल्प लेकर अपनी विजय अथवा वधके लिये मामा शल्यके साथ आज युद्ध करूँगा ।। तस्य मे<5प्यधिकं शस्त्र सर्वोपकरणानि च
संजय उवाच