Sauptika Parva, Adhyaya 8 — Dhṛṣṭadyumna-vadha and the Camp’s Nocturnal Rout
प्रभद्रकगणान् सर्वानिभिदुद्राव वेगवान् । यच्च शिष्टं विराटस्य बल॑ तु भृशमाद्रवत्,क्रोधसे भरे हुए शत्रुसंतापी अश्वत्थामाने इस प्रकार शिखण्डीका वध करके समस्त प्रभद्रकोंपर बड़े वेगसे धावा किया। साथ ही, राजा विराटकी जो सेना शेष थी, उसपर भी जोरसे चढ़ाई कर दी
संजय उवाच