Cakravyūha-saṃkalpaḥ, Saṃśaptaka-āhvānaṃ, Saubhadra-vikrīḍitam
Drona Parva, Adhyāya 32
आसीच्छक्त्यासिसम्पातो युद्धमासीत् परश्वधै: । प्रकृष्टमसियुद्धं च बभूव कटुकोदयम्,उस युद्धमें शक्ति और खड़्गोंके घातक प्रहार हो रहे थे। फरसोंसे मार-काट हो रही थी। तलवार खीचंकर उसके द्वारा ऐसा भयंकर युद्ध हो रहा था कि उसका कटु परिणाम प्रत्यक्ष सामने आ रहा था
संजय उवाच