दुःशासन-सहदेव-संक्षोभः; भीम-राधेय-गदायुद्धम्; द्रोण-पार्थ-अस्त्रसंग्रामः
Duhshasana–Sahadeva Clash; Bhima–Karna Mace Exchange; Drona–Arjuna Astra Duel
व्यधमत् तान् महावायुर्मेघानिव दुरत्यय: । जैसे दुर्जय महावायु मेघोंको छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार अत्यन्त क्रोधमें भरे हुए द्रोणाचार्यने वायव्यास्त्रके द्वारा युद्धमें समस्त शत्रुओंको तहस-नहस कर डाला || १०३ || ते हन्यमाना द्रोणेन पञ्चाला: प्राद्रवन् भयात्
संयज उवाच