अलायुधस्य भीमवधसंकल्पः
Alāyudha’s Resolve to Confront Bhīma
सुरैरिवासुरवधे शक्रं शक्रानुजाहवे । “उपेन्द्र! आप सदा सब प्रकारसे हमारे प्रिय और हितसाधनमें लगे हुए हैं। हमलोगोंने आपका ही आश्रय लेकर श्त्रोंद्वारा युद्धकी तैयारी की है। ठीक उसी तरह, जैसे देवता इन्द्रका आश्रय लेकर युद्धमें असुरोंके वधका उद्योग करते हैं
संजय उवाच