अलंबलवधः (Alaṃbala-vadhaḥ) / The Slaying of Alaṃbala and the Advance toward Karṇa
चकार विरथं कर्ण तव पुत्रस्य पश्यत: । नरश्रेष्ठी इसके बाद सात्यकिने तीखे बाणोंद्वारा कर्णके चारों श्वेत घोड़ोंको मार डाला और उसके ध्वजको काटकर रथके सैकड़ों टुकड़े करके आपके पुत्रके देखते-देखते कर्णको रथहीन कर दिया ।। ६४ $ ।। ततो विमनसो राजंस्तावकास्ते महारथा:
संजय उवाच