Adhyāya 143: Nocturnal duels—Nākuli and Citraseṇa; Vṛṣasena’s assault; Duḥśāsana vs Prativindhya
राजा द्रोणाय चोत्सृष्ट: सैन्धवश्चानिपातित: । प्रत्युध्याति च शैनेयमेष भूरिश्रवा रणे,“इन्होंने राजा युधिष्ठिरको द्रोणाचार्यके लिये छोड़ दिया और सिन्धुराज जयद्रथ भी अभी मारा नहीं गया। इसके सिवा ये भूरिश्रवा रणमें शिनिपौत्र सात्यकिकी ओर अग्रसर हो रहे हैं
संजय उवाच