Mind as Charioteer; Kṣetrajña, Tapas, and Dhyāna-Yoga
Adhyātma-Upadeśa
परापरज्ञो भूतानां विधिज्ञ: सर्वकर्मणाम् । सर्वभूतात्मभूतात्मा गच्छत्यात्मानमव्ययम्,जो मनुष्य सम्पूर्ण भूतोंकी श्रेष्ठठा और न्यूनताका ज्ञाता, समस्त कर्मोकी विधिका जानकार और सब प्राणियोंको आत्मभावसे देखनेवाला है, वह अविनाशी परमात्माको प्राप्त होता है
वायुदेव उवाच