अध्याय ७४: अक्रोध–क्षमा–निवासनीति
Chapter 74: Non-anger, Forbearance, and the Ethics of Residence
अर्ध भार्या मनुष्यस्य भार्या श्रेष्ठतम: सखा । भार्या मूल॑ त्रिवर्गस्य भार्या मूल तरिष्यत:,'भार्या पुरुषका आधा अंग है। भार्या उसका सबसे उत्तम मित्र है। भार्या धर्म, अर्थ और कामका मूल है और संसार-सागरसे तरनेकी इच्छावाले पुरुषके लिये भार्या ही प्रमुख साधन है
दुष्यन्त उवाच