Ādi Parva, Adhyāya 178 — Royal Contestants Assemble; Cosmic Witnesses; The Bow Remains Unstrung
अवमन्य ततः क्रोधाद् भृगूंस्ताउछरणागतान् | निजषघ्नु: परमेष्वासा: सर्वास्तान् निशितै: शरै:,फिर तो उन्होंने क्रोधमें भरकर शरणमें आये हुए भूगुवंशियोंका भी अपमान किया। उन महान् धनुर्धर वीरोंने (वहाँ आये हुए) समस्त भार्गवोंको तीखे बाणोंसे मारकर यमलोक पहुँचा दिया
वसिष्ठ उवाच