Bhāgīratha’s Tapas and the Petition to Gaṅgā (गङ्गावतरण-प्रसङ्गः)
पौत्रे भारं समावेश्य जगाम त्रिदिवं तदा | अंशुमानपि धर्मात्मा महीं सागरमेखलाम्,कमलके समान नेत्रोंवाले सगरने वरुणालय समुद्रको अपना पुत्र माना और दीर्घकालतक राज्यशासन करके अन्तमें अपने पौत्र अंशुमानूपर राज्यका सारा भार रखकर वे स्वर्गलेकको चले गये। महाराज! धर्मात्मा अंशुमान् भी अपने पितामहसगरके समान ही समुद्रसे घिरी हुई इस वसुधाका पालन करते रहे। उनके एक पुत्र हुआ जिसका नाम दिलीप था। वह भी धर्मका ज्ञाता था
pautre bhāraṃ samāveśya jagāma tridivaṃ tadā | aṃśumān api dharmātmā mahīṃ sāgaramekhalām |
Setelah menyerahkan beban kerajaan kepada cucunya, Sagara pun berangkat menuju Tridiva (surga). Cucu beliau, Aṃśumān yang berhati dharma, juga melindungi bumi yang dilingkari samudra.
सगर उवाच