Festival
Navaratri
नवरात्रिNavarātri
- verses
- 58
- books
- 4
- chapters
- 29
What the texts say
Navaratri (Navarātra, the nine nights) is a festival of worship of the Goddess, set out in the Devi Bhagavatam. Devi Bhagavatam 3.24.20, 3.24.21 The Devi Bhagavatam says her great worship is to be performed with devotion in the autumn season. Devi Bhagavatam 3.24.20 In the Narada Purana, the observance begins on the first lunar day, with worship of the Goddess after the ritual pot is set up. Narada Purana 1.4.110.30 For those unable to fast all nine nights, the Devi Bhagavatam prescribes three days. Devi Bhagavatam 3.27.12 The same text says the Navaratri vow grants knowledge and liberation and fulfils desires. Devi Bhagavatam 3.27.48
Where to read
Every verse that names Navaratri, book by book.
- 3.24.20
देवी ने कहा, शरद के टाइम मेरी बड़ी पूजा करना, हमेशा। नवरात्रि के नियम से करना और भक्ति भाव के साथ।
- 3.25.46
हर नवरात्रि में लोग ने क्या क्या किया। देवी के भक्त सब विधि से पूजा करते थे। हवन और यज्ञ भी करते थे। सब भक्ति से करते थे।
- 3.26.1
जनमेजय ने पूछा कि नवरात्रि जब आता है तो क्या करना चाहिए। शरद के मौसम में क्या विधि है वो बताओ। द्विजोत्तम, मुझे सब बताओ।
- 3.24.20
Skanda Purana
21 verses · 13 chapters
- 1.2.47.78
आश्विन महीने की नवरात्रि में खास करके इन देवियों की पूजा करनी चाहिए। व्रत रख सकते हो, या दिन में एक बार खाना खाके भी पूजा कर सकते हो।
- 1.2.53.36
जब अश्विन महीना आता है, तब नव रात्रि का टाइम होता है। तब नवरात्रि का व्रत रखना चाहिए। उस कुंड में नहा के शांत रहना चाहिए।
- 1.2.65.60
देवी, आप बहुत भयानक हैं, कालरात्रि रूप में। आप घंटे पहनती हैं और तेज़ चमकती हैं। सप्तमी को आपकी पूजा होती है। आप आँखें देती हैं। मेरा शरण आपके पास है।
- 1.2.47.78
Narada Purana
2 verses · 1 chapter
- 1.4.110.30
इस महीने की पहली तारीख से नवरात्रि शुरू करना है। सुबह के टाइम देवी की पूजा करनी है। पहले एक घड़ा रखना है, फिर पूजा शुरू करनी है।
- 1.4.110.35
फिर आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष में नवरात्रि का व्रत रखना है। इसमें खास कर अन्नकूट की पूजा करनी है। यह विष्णु भगवान को बहुत खुश करती है।
- 1.4.110.30
Agni Purana
1 verse · 1 chapter
- 5.121.72
अश्लेषा में नौ रात का टाइम होता है। मघा में यह शमशान के बाउंड्री तक जाता है। पूर्वफाल्गुनी में दो महीने लगते हैं। उत्तरफाल्गुनी में पंद्रह दिन का पीरियड होता है।
- 5.121.72
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