Festival

Maha Shivaratri

महाशिवरात्रिMahāśivarātri

verses
243
books
9
chapters
39

What the texts say

In the Skanda Purana, Maha Shivaratri is the night of the fourteenth lunar day in the dark fortnight of Magha, declared to be Shivaratri. Skanda Purana 6.1.266.9 The same Purana says that when Maha Shivaratri arrives, a devotee keeps vigil through the night, pure, steady and fasting. Skanda Purana 6.1.266.6 It also advises fasting with restrained senses on that night, taking particular care over each watch. Skanda Purana 3.1.30.110 Another chapter describes a night-vigil in Magha, on the fourteenth day of the dark fortnight, with praise offered through the sacred accounts of Maha Shivaratri and of Shiva. Skanda Purana 7.2.16.64

Where to read

Every verse that names Maha Shivaratri, book by book.

    • 1.1.33.37

      शिवरात्रि के व्रत से क्या होता है, इसमें कोई शक नहीं। यह सच में काम करता है। उसी शिवरात्रि के दिन उसे वो बड़ा ज्ञान मिल गया।

    • 1.4.7.37

      शिवरात्रि की रात को जागना बहुत ज़रूरी है। अपने मन को कंट्रोल में रखना। बिल्वे के तीन पत्तों से पूजा करो, कमल के फूल से, और कर्णिकार के फूल से।

    • 2.4.3.20

      देवी पक्ष से शुरू करके, महाशिवरात्रि के चौदह दिन तक नहाना चाहिए। देवी खुश हो जाएँ, इसलिए यह करना।

  1. Padma Purana

    7 verses · 3 chapters

    • 5.114.480

      मैं तुम जैसे इंसान को पाप धोने का तरीका कैसे बता सकता हूँ। गौतम ने फिर पूछा, मैं कहाँ जाऊँ। उसने तीन दिन भूखा रहके शिव रात्रि का फायदा उठाया।

    • 6.154.23

      यह सुन के उस ज़ालिम औरत की बात, वो बुरा हाल में आ गया। उसने सोचा शिव रात्रि को व्रत रखेगा। रात भर जाग के भगवान शिव की पूजा करेगा।

    • 6.218.38

      जितना पैसा मैंने जुआ में हारा, वो भी गया। चोरी करके जो मिला था वो भी गया। शिव रात्रि को मैंने शिव जी के प्रसाद खा लिया था।

  2. Narada Purana

    3 verses · 2 chapters

    • 1.4.104.70

      इसमे शिव रात्रि की बात है कि इस व्रत का कितना बड़ा महत्व है। प्रदोष व्रत कैसे करना है, वो भी लिखा है। सोमवार का व्रत भी है और सीमंतिनी नाम की औरत की कहानी भी यहाँ है।

    • 1.4.123.69

      आखिर में, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिव रात्रि का व्रत रखना है। उस दिन पानी भी नहीं पीना, फुल फास्ट रखना है। दिन और रात दोनों टाइम शिव जी की पूजा करनी है।

    • 1.4.104.165

      उन्होंने बताया कि पानी पर सोने का व्रत है। चार महीने का व्रत भी है। बिछौना खाली नहीं छोड़ना का व्रत है। मंकनेश की पूजा है। शिव रात्रि का व्रत है। आदमी को तोलकर उतना ही दान देना है।

  3. Devi Bhagavatam

    3 verses · 2 chapters

    • 9.30.72

      शिव रात्रि को शिव जी को बिल्व पत्र चढ़ाने से। जितने पत्र चढ़ाए, उतने युग तक शिव के पास खुश रहते हैं।

    • 9.34.46

      कृष्ण जन्माष्टमी बहुत पुण्य का दिन है। राम नवमी भी ऐसा ही है। शिवरात्रि और एकादशी भी अच्छे दिन हैं। इतवार बहुत अच्छा माना जाता है।

    • 9.30.71

      भारत में जो शिव रात्रि का व्रत करता है। वो शिव लोक में बहुत लंबा टाइम तक खुश रहता है।

Also known to Wikipedia · Wikidata Q848070