Deity
Dashavatara
दशावतारDaśāvatāra
- verses
- 17
- books
- 7
- chapters
- 15
What the texts say
In the Agni Purana, the Dashavatara are the ten incarnations of Vishnu. Agni Purana 1.16.12 The Bhagavata Purana tells how Vishnu took the form of a fish, Matsya, and protected Vaivasvata Manu on a boat when the whole world lay deep in water. Bhagavatam 1.3.15 In the same text, Vishnu took the form of the boar Varaha and lifted the earth from the nether regions of the universe. Bhagavatam 1.3.7 Vishnu became Kurma the tortoise, whose shell was the pivot for Mount Mandara, the churning rod of the gods and the asuras. Bhagavatam 1.3.16 In the Bhagavata Purana, Vishnu will appear at the beginning of Kali Yuga as Buddha, the son of Anjana. Bhagavatam 1.3.24 At the meeting of two yugas, Vishnu will be born as Kalki, son of Vishnu Yasha, when almost all rulers have become plunderers. Bhagavatam 1.3.25
Where to read
Every verse that names Dashavatara, book by book.
Skanda Purana
5 verses · 4 chapters
- 2.7.20.32
ब्रह्मा फिर से सब ठीक से लगाता है। रिशि, देवता, पूर्वज, दुनिया, धरम, सब अपनी जगह पे। और विष्णु के दस अवतार भी आते हैं, चक्र लेकर।
- 7.2.18.48
देव, तुम्हे कैसे पता नहीं? ब्रह्मा ने कहा था ना। तुम्हारे दस अवतार थे, पहले मछली और कछुआ के रूप में। वो सब पहले दिख गए थे।
- 7.4.8.62
नौ निशानियों के साथ वो नवव्यूह रूप में आता है। वो सब कुछ देता है, लेकिन देवताओं के लिए भी पाना मुश्किल है। दस निशानियों में वो दस अवतार बन जाते हैं। दसवें रूप में वो राज्य देता है, इसमें कोई शक नहीं।
- 2.7.20.32
Agni Purana
4 verses · 4 chapters
- 1.16.12
भगवान के अवतार तो गिनती में नहीं आते। कुछ बीत गए, कुछ आने वाले हैं। जो भी विष्णु के दस अवतारों का नाम लेता है या सुनता है, उसका काम बन जाता है।
- 3.43.7
उत्तर में मत्स्य से शुरू करके दस अवतार रखना। आग्नेय कोने में चंडिका को लगाना। नैऋत्य में अंबिका को स्थापना करना। वायव्य में सरस्वती को रखना।
- 3.46.13
पुरुषोत्तम आठ चक्र वाला है। वो नौ व्यूह में बंटा है। दस अवतार के स्वामी हैं, और अनिरुद्ध भी उनमें है। बारह रूप वाला है, और उसके बाद अनंत है जो कभी खत्म नहीं होता।
- 1.16.12
Narada Purana
4 verses · 3 chapters
- 1.3.71.159
नृसिंह भगवान कितने चाँद जैसा चमक रहे हैं। लक्ष्मी के चेहरे को देख रहे हैं। दस अवतार के साथ हैं। वो तुम्हे खुशी दें।
- 1.4.119.14
भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की दसवीं तारीख होती है। उस दिन दसावतार व्रत रखना है। यह व्रत विष्णु के दस अवतार के लिए है। उस दिन किसी तालाब या पानी के स्थान पर नहाना चाहिए।
- 2.1.28.29
विष्णु भगवान ने धरम बचाने के लिए दस अवतार लिए। वो सबसे बड़ी शक्ति वाले हैं। अवतार लेने में उनको बहुत तकलीफ हुई।
- 1.3.71.159
Narasimha Purana
1 verse · 1 chapter
- 1.54.6
राजा, मैंने तुम्हे विष्णु के दस अवतार बता दिए जो पाप खत्म करते हैं। जो रोज नरसिंह भक्ति सुनता है वो विष्णु को मिलता है।
- 1.54.6
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