Adhyaya 134
Avanti KhandaReva KhandaAdhyaya 134

Adhyaya 134

इस अध्याय में श्री मार्कण्डेय संक्षेप में तीर्थ-माहात्म्य बताते हैं। नर्मदा (रेवा) के दक्षिण तट पर स्थित ‘रामेश्वर’ नामक अनुपम तीर्थ को पाप-हर, पुण्य-प्रद और सर्व-दुःख-नाशक कहा गया है। विधान यह है कि जो भक्त इस तीर्थ में स्नान करके महेश्वर—महादेव, महात्मा—की पूजा करता है, वह समस्त किल्बिष (दोष/अशुद्धि) से मुक्त हो जाता है। इस प्रकार स्थान, क्रम (स्नान के बाद पूजा) और फल (अशुद्धि-क्षय) को जोड़कर तीर्थ-यात्रा का संक्षिप्त मार्ग बताया गया है।

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