sugávyam no vājī sváśvyam púṃsaḥ putrā́n utá viśvā́puṣaṃ rayím | anāgā́s tvaṃ no áditiḥ kṛṇotu kṣatráṃ no áśvo vanatāṃ havíṣmān
Translation
हे वाजी, हमें उत्तम गौ-सम्पदा और उत्तम अश्व-सम्पदा, मनुष्यों के पुत्र (संतान) और सर्वपोषक धन प्रदान कर। हे अदिति, तू हमें अनागा (निर्दोष) कर। हविष्-युक्त अश्व हमारे लिए क्षत्र (अधिकार/राज्य) को जीत ले।