puruṣamṛgáś candrámaso godhā́ kā́lakā dārvāghā́ṭas te vanaspátīnām kṛkavā́kuḥ sāvitró haṃsó vā́tasya nā́kro mákaraḥ kulī́payas te ’kūpā́rasya hriyái śalyákaḥ
Translation
पुरुषमृग चन्द्रमा का है; गोधा, कालका, दार्वाघाट—ये वनस्पतियों के स्वामियों के हैं। कृकवाकु सावितृ का है; हंस वायु का है। नाक्र (मगर), मकर, कुलीपय—ये अकूपार के हैं; ह्रि (लज्जा/श्री-रूपा मर्यादा) के लिए शल्यक है।